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सौंफ़ और मोटापा

सौंफ़ और मोटापा


क्या आपने कभी आहार का पालन किया है और कुछ समय के बाद आपको वजन कम करने में कठिनाई महसूस हुई है? क्या आपने लम्बे समय तक व्रत रखने का प्रयास किया है और ज्यादा वजन ना घटने से आश्चर्यचकित हुए हैं? क्या आप हमेशा यह शिकायत करते हैं कि आपका शरीर आहार कार्यक्रमों के लिए अन्य लोगों के शरीर के समान प्रतिक्रिया नहीं करता है, लेकिन आपके चिकित्सक कहते हैं कि आपमें कोई हॉर्मोन संबंधी समस्या नहीं है? यदि पिछले सवालों के लिए आपका जवाब हाँ है तो आपको प्राकृतिक जैतून के तेल और प्राकृतिक सेब के सिरके में सौंफ के सत्त के बारे में और अधिक जानने की जरुरत है।

कुछ लोग अपना वजन कम करने के लिए विशेष आहारों का पालन करते हैं, और कभी-कभी जल्दी से जल्दी अच्छा वजन पाने के लिए, वे जानबूझ कर खाना नहीं चाहते हैं। लेकिन कभी-कभी वे घटाये गए वजन को थोड़े समय में वापस पा लेते हैं, और उनका वजन निरंतर बढ़ सकता है, जिससे वे परेशान होकर खाने लगते हैं। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वजन कम करने के लिए एक पूर्ण रणनीति की जरुरत होती है जिसमें वजन कम करने के लिए उचित आहार, व्यायाम और आहार में परिवर्तन शामिल होता है। 

हम आपको जैतून के तेल और प्राकृतिक सेब के सिरके में सौंफ का सत्त प्रयोग करने का सुझाव देते हैं जो शरीर का वजन कम करने में सकारात्मक भूमिका निभाता है।

2016 में एंड्रोलॉजिया की पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ईरान में ज़ंजन चिकित्सीय विज्ञान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने 56 चूहों पर अध्ययन किया। इन चूहों को 8 सप्ताह के लिए वसा की उच्च मात्रा से युक्त आहार दिया गया। इस प्रकार, उनके वजन में 25% की वृद्धि हुई। इसके बाद चूहों को समूहों में विभाजित किया गया, इनमें से एक समूह को 9 सप्ताह से 16 सप्ताह के लिए सौंफ का सत्त दिया गया। इसके बाद शोधकर्ताओं को पता चला कि सौंफ के सत्त के उपचार से चूहों का वजन कम करने में सहायता मिली है, जिससे वजन कम करने में सौंफ की भूमिका की पुष्टि होती है। (Nejatbakhsh et.al., 2016)


2011 में स्पेन में ग्रेनाडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि मेलाटोनिन (मस्तिष्क के पिनियल ग्रंथि से उत्पन्न प्राकृतिक हॉर्मोन जो स्वस्थ निद्रा को नियमित करता है) में मोटापा-रोधी प्रभाव होता है और यह इससे संबंधित कई स्वास्थ्य समस्याओं में प्रभावी होता है, जैसे उच्च रक्तचाप, प्रकार 2 मधुमेह, और उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल। (Jiménez‐Aranda et.al., 2013)

चूँकि, हम सहक्रिया के तथ्य की वजह से अपनी संतुलित पौष्टिकता प्रणाली में भरोसा करते हैं, अर्थात, एकल-पदार्थ उपचार पर्याप्त नहीं होता है, जिसे पवित्र कुरान में पाया जा सकता है, जहाँ खाद्य और पेय पदार्थों से संबंधित सभी पाठ और आयतों को बहुवचन और सहक्रिया के रूप में उल्लेखित किया गया है। हमारे जीर्ण रोगों की क्रियाविधि विविध होती है, इसलिए बीमारियों के तंत्रों पर वार करने वाले संयोजक, आहार और क्रियाविधियां भी अलग-अलग होने चाहिए। इसलिए, हम देखते हैं कि पवित्र कुरान अलग-अलग आहारों के बारे में नहीं बताता, बल्कि उन्हें एक समूह के रूप में बताता है, और यह चिकित्सीय सहकारिता के सिद्धांत के अनुकूल है। तो, हमें औषधीय सत्त को जैतून के तेल और सेब के सिरके दोनों में क्यों मिलाना चाहिए? कुरान के कौन से रहस्य इसका कारण हैं? 

कुरान के सहकारिता के सिद्धांत के प्रयोग से प्राप्त विशेषज्ञता और अनुभवों के आधार पर, हम आपको शुद्ध जैतून के तेल में सौंफ का तैलीय सत्त प्रयोग करने की सलाह देते हैं।

प्राकृतिक जैतून के तेल में लिनोलेइक अम्ल (सीएलए) होता है। मोटापे से ग्रस्त 60 लोगों पर एक चिकित्सीय अध्ययन किया गया। इन 60 लोगों को 12 सप्ताह के लिए लिनोलेइक अम्ल दिया गया। 2000 में पोषण की पत्रिका में प्रकाशित परिणामों से दर्शाया गया कि उनके शारीरिक वसा में 20% की कमी आयी, जो उनके वजन में 7 पाउंड की कमी के बराबर था। इसके अलावा, लिनोलेइक अम्ल माइटोकांड्रिया में इलेक्ट्रान स्थानांतरण श्रृंखला की गतिविधि बढ़ाता है, जिससे कोशिका के अंदर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होती है, और इससे चयापचय की दर बढ़ती है। इसका अर्थ है कि शरीर वसा और कार्बोहाइड्रेट परिवर्तित करके ऊर्जा उत्पन्न करता है। हालाँकि, जैतून का तेल वसा है, लेकिन यह शरीर में वसा जलाने में सहायता करता है और जिससे वजन में बढ़ोतरी नहीं होती है। (Blankson et.al., 2000) 


इसके अतिरिक्त, सौंफ के जलीय सत्त का संरक्षक प्राकृतिक सेब का सिरका, वजन में कमी को तेज करता है, क्योंकि इसमें एसिटिक अम्ल होता है। दो समूहों में विभाजित मोटे लोगों पर एक अध्ययन किया गया। उनमें से एक समूह ने एसिटिक अम्ल नहीं लिया, और दूसरे समूह ने 12 सप्ताह के लिए एसिटिक अम्ल लिया। परिणामों से पता चला कि सेब के सिरके की वजह से वजन, बीएमआई और कमर के घेरे में कमी हुई, साथ ही रक्त में ट्राइग्लिसराइड का स्तर भी कम हुआ।

यहाँ, सौंफ के जलीय सत्त और प्राकृतिक सेब के सिरके के बीच संयोजन और चिकित्सीय सहकारिता का सिद्धांत दिखा देता है। वे अलग-अलग तरीके से एक ही क्रियाविधि में संयुक्त रूप से काम करते हैं। परिणामस्वरूप, ये एक साथ मिलकर वजन कम करने के लिए बेहतर परिणाम प्रदान करते हैं। (Kondo et.al., 2009) 


जमिल अल क़ुद्सी

एमडी-एमएससी सीएएम-डुप एफएम



Blankson, H., Stakkestad, J. A., Fagertun, H., Thom, E., Wadstein, J. & Gudmundsen, O. 2000. Conjugated linoleic acid reduces body fat mass in overweight and obese humans. The Journal of nutrition, 130, 2943-2948.


Jiménez‐Aranda, A., Fernández‐Vázquez, G., Campos, D., Tassi, M., Velasco‐Perez, L., Tan, D. X., Reiter, R. J. & Agil, A. 2013. Melatonin induces browning of inguinal white adipose tissue in zucker diabetic fatty rats. Journal of pineal research, 55, 416-423.


Kondo, T., Kishi, M., Fushimi, T., Ugajin, S. & Kaga, T. 2009. Vinegar intake reduces body weight, body fat mass, and serum triglyceride levels in obese japanese subjects. Bioscience, biotechnology, and biochemistry, 73, 1837-1843.


Nejatbakhsh, R., Riyahi, S., Farrokhi, A., Rostamkhani, S., Mahmazi, S., Yazdinezhad, A., Kazemi, M. & Shokri, S. 2016. Ameliorating effects of fennel and cumin extracts on sperm quality and spermatogenic cells apoptosis by inducing weight loss and reducing leptin concentration in diet‐induced obese rats. Andrologia.




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