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मानव शरीर में वसा की बढ़ी हुई मात्रा चिंता का विषय है|

मानव शरीर में वसा की बढ़ी हुई मात्रा चिंता का विषय है|



ऐसा इसकी वजह से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के कारण है, जैसे त्वचा की परतों के नीचे ट्राइग्लिसराइड जमा होने के परिणामस्वरूप वजन बढ़ता है, जिससे पेट और कूल्हों पर अतिरिक्त चर्बी जमा होती है, और शरीर की आकृति परिवर्तित हो जाती है और यह अपनी संरचना और सुंदरता खोने लगता है फलस्वरूप, मोटे लोग अपना वजन कम करने का तरीका ढूंढने में परेशान हो जाते हैं।

यह केवल इस समस्या तक नहीं सीमित है, साथ ही इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है और यह ऑक्सीकृत होकर धमनियों की दीवारों पर जम सकता है जिससे हृदयाघात,  और धमनियों में अवरोध जैसी (Berger et.al., 2015)   कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। साथ ही मोटापे और धमनीकाठिन्य (Miettinen, 1971)  (Brown et.al., 1984)  .से संबंधित अन्य जीर्ण बीमारियां भी हो सकती हैं।

शरीर में वसा के चयापचय की समस्या का समाधान करने के लिए, हम आपको हमेशा शुद्ध जैतून के तेल में जीरे का तैलीय सत्त और प्राकृतिक सेब के सिरके में जीरे का जलीय सत्त प्रयोग करने का सुझाव देते हैं।(Dhandapani et.al., 2002)  (Gorinstein et.al., 2002)  (Kondo et.al., 2009)  (Naziroglu et.al., 2014) 

 जीरा स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर मसालों में से एक है। वास्तव में, बहुत सारे लोगों को यह नहीं पता होता कि ये छोटे मसाले वसा और रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर और साथ ही साथ वजन कम करने में सहायक होते हैं।(Dhandapani et.al., 2002)  

सद्दौकी विश्वविद्यालय में ईरानी वैज्ञानिकों द्वारा मोटी महिलाओं पर किये गए हाल के अध्ययन से यह पता चला है कि जीरे के दानों में वजन कम करने की और रक्त में वसा का स्तर घटाने की क्षमता होती है। इस अध्ययन में 88 मोटी महिलाओं को दो समूहों में बांटा गया; पहले समूह ने आहार में प्रतिदिन दही के साथ 3 ग्राम जीरे का सेवन किया, और दूसरे समूह ने जीरे के बिना दही का सेवन किया। दोनों समूहों को वजन कम करने के बारे में और स्वास्थ्य नियमों का पालन करने के बारे में निर्देश दिए गए। आहार में जीरे का सेवन करने वाले पहले समूह का परिणाम बहुत अच्छा था। अध्ययन शुरू करने के तीन महीने बाद, जीरे का सेवन करने वाली महिलाओं के समूह ने दूसरे समूह की महिलाओं की तुलना में अपना 1.4 किग्रा वजन कम कर लिया था। यह देखा गया कि जीरे वाला आहार लेने वाली महिलाओं में वसा के स्तर में कमी की दर 14.64% थी। उनमें वसा कम होने की दर जीरे के बिना आहार लेने वाली महिलाओं (4.91%) से तीन गुना ज्यादा थी। यह अध्ययन दर्शाता है कि जीरे का सत्त कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और एलडीएल के स्तरों को कम करने में, और जीरे वाले आहार का सेवन करने वाली महिलाओं के समूह में एचडीएल का स्तर बढ़ाने में सहायक है।(Zare et.al., 2014a)   

जीरे में एंटीऑक्सीडेंट और फायटोस्टेरोल भरपूर मात्रा में होता है।फायटोस्टेरोल एक प्राकृतिक उत्पाद है (Delgado et.al., 2016)  (Dua, 2012)  जो केवल पौधों में पाया जाता है और इसकी संरचना कोलेस्ट्रॉल के समान होती है लेकिन यह अलग तरीके से काम करता है।(Ostlund, 2004)   यह पाचन प्रणाली में एलडीएल और कोलेस्ट्रॉल अवशोषित होने से रोकता है, और वसा का स्तर कम करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। (Ostlund, 2004) पिछले चिकित्सीय प्रयोग ने दिखाया कि स्टानोल-युक्त आहार (प्रतिदिन कम से कम 0.8 ग्राम फायटोस्टेरोल) का सेवन एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने के लिए पर्याप्त है, इसमें समस्त कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पिछले अध्ययन में जीरे का सेवन करने वाली महिलाओं के बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और कमर में काफी कमी आयी थी। (Zare et.al., 2014b)   

यह अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि खाद्य पदार्थों और किसी भी पौष्टिक आहार में जीरे का सत्त मिलाने पर यह चयापचय बढ़ाता है जिससे वसा जलाने की प्रक्रिया तेज होती है।(Dhandapani et.al., 2002) 

हम आपको जैतून के तेल और सिरके के साथ जीरे का सत्त एवं तेल में विविध औषधीय सत्त का प्रयोग करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह वजन कम करने में और रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में बहुत प्रभावी है।

(Dhandapani et.al., 2002)   (Gorinstein et.al., 2002)  (Kondo et.al., 2009)  (Naziroglu et.al., 2014)  .

चूँकि, हम सहक्रिया के तथ्य की वजह से अपनी संतुलित पोषण प्रणाली में भरोसा करते हैं, अर्थात, एकल-पदार्थ उपचार पर्याप्त नहीं होता है, जिसे पवित्र कुरान में पाया जा सकता है, जहाँ खाद्य और पेय पदार्थों से संबंधित सभी पाठ और आयतों को बहुवचन और सहक्रिया के रूप में उल्लेखित किया गया है।

हमारे जीर्ण रोगों की क्रियाविधि विविध होती है, इसलिए बीमारियों के तंत्रों पर वार करने वाले संयोजक, आहार और क्रियाविधियां भी अलग-अलग होने चाहिए।(Voinov et.al., 2013)  


इसलिए, हम देखते हैं कि पवित्र कुरान अलग-अलग आहारों के बारे में नहीं बताता, बल्कि उन्हें एक समूह के रूप में बताता है, और यह चिकित्सीय सहकारिता के सिद्धांत के अनुकूल है।

कुरान के सहकारिता के सिद्धांत के प्रयोग से प्राप्त विशेषज्ञता और अनुभवों के आधार पर, हम आपको शुद्ध जैतून के तेल में जीरे का सत्त प्रयोग करने की सलाह देते हैं। जहाँ जीरे के तैलीय सत्त को संरक्षित करने वाला जैतून का तेल वसा और कोलेस्ट्रॉल का सामना करता है। (Dhandapani et.al., 2002)  (Gorinstein et.al., 2002)  



जीरे में मौजूद लिनोलेइक अम्ल और लिनोलेनिक अम्ल जैसे फैटी अम्ल की प्रचुरता इसे लाभकारी बनाता है, यह माइटोकांड्रिया में इलेक्ट्रॉन संचार श्रृंखला को सक्रिय करने में अपना योगदान देता है और इससे वसा जलाने की दर और चयापचय दोनों में वृद्धि होती है, चयापचय बढ़ने पर कार्बोहाइड्रेट के बजाय वसा जलने की दर बढ़ जाती है।(Pandey et.al., 2015) 

यहाँ से हम कहते हैं कि फैटी अम्ल से संबंधित होने के बावजूद जैतून का तेल एक विशेष तेल है जो वजन कम करने में सहायता करता है, और इसमें विटामिन ई की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में जाना जाता है।(Bonanome et.al., 2005)  

 इसमें पॉलीफेनोल मौजूद होता है (Visioli et.al., 1998)   यह यौगिक कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण रोकता है और हृदयाघात और धमनीकाठिन्य से बचने में सहायता करता है। अध्ययनों से इस बात की पुष्टि होती है कि जबतक कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण नहीं होता यह धमनी की दीवारों में संचित नहीं होता और नुकसान नहीं पहुँचाता है। इसलिए, जैतून के तेल को सबसे उचित माना जाता है और जीरे के तैलीय सत्त में मिलाया जाता है।(Manach et.al., 2005) 

 कई वैज्ञानिक शोधों से सिद्ध हुआ है कि जैतून का तेल एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित किये बिना कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करता है। जिसकी वजह से यह स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और अच्छा होता है।(Berrougui et.al., 2015) 

हम आपको प्राकृतिक सेब के सिरके में जीरे का सत्त प्रयोग करने की भी सलाह देते हैं(Dhandapani et.al., 2002)  (Kondo et.al., 2009)  (Naziroglu et.al., 2014) 

सेब से शरीर को पेक्टिन मिलता है जो पानी में घुलने वाला फाइबर है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मुख्य भूमिका निभाता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर वाले चूहे पर किये गए अध्ययन का परिणाम दर्शाता है कि आंत में कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण कम करके, पेक्टिन फाइबर यकृत और साथ ही रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में उपयोगी होता है।(Sauberlich, 1966)   

इसके अलावा, सेब के सिरके में कई एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जैसे फिनॉल, जो कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण रोकता है और आंतरिक धमनी की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल का जमाव रोकता है, और हृदयाघात और धमनीकाठिन्य का जोखिम समाप्त करता है।(Naziroglu et.al., 2014) 

मोटापे से ग्रस्त मरीजों पर किये गए अध्ययन में प्राकृतिक सेब के सिरके का प्रभाव महत्वपूर्ण बताया गया है, और इसे रक्त में कोलेस्ट्रॉल और वसा दोनों का स्तर कम करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।(Beheshti et.al., 2012) 

अंत में, हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जंक फूड का सेवन बंद करके हमें एक स्वस्थ जीवनशैली अपनानी होगी, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों में बहुत अधिक मात्रा में संतृप्त और हाइड्रोजनीकृत वसा मौजूद होती है हमें नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और खेलना चाहिए, और स्वस्थ जीवनशैली और सर्वोत्तम वजन और सुंदर शरीर का आनंद उठाने के लिए आपको शराब और धूम्रपान बंद कर देना चाहिए। अगले लिंक में आपको अपना स्वास्थ्य अच्छा बनाने के लिए शुद्ध जैतून के तेल और प्राकृतिक सेब के सिरके में जीरे का सत्त प्रयोग करने के लिए विशेष व्यंजन प्राप्त होंगे 


जमिल अल क़ुद्सी

एमडी-एमएससी सीएएम-डुप एफएम

 


Beheshti, Z., Chan, Y. H., Nia, H. S., Hajihosseini, F., Nazari, R. & Shaabani, M. 2012. Influence of apple cider vinegar on blood lipids. Life Sci J, 9, 2431-40.


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Bonanome, A., Colomer, R., Corella-Piquer, D., Covas, I., Chamorro-Quiros, J., Escrich, E., Lairon, D., Lamuela-Raventos, R., Lopez-Miranda, J. & Lopez-Segura, F. 2005. Virgin olive oil. European Journal of Clinical Investigation, 35, 421-424.


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