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पित्ताशय के पॉलीप्स क्या हैं और ये कैसे बनते हैं?

पित्ताशय के पॉलीप्स क्या हैं और ये कैसे बनते हैं?




दरअसल पित्ताशय के पॉलीप्स विभिन्न प्रकारों के होते हैं और ये बड़ी आंत में उत्पन्न होने वाले उभार (बड़ी आंत के पॉलीप्स) के समान होते हैं लेकिन उनके होने के कारण अलग और परिवर्तनशील होते हैं। इन पॉलीप्स में से फाइब्रोसिस क्या होता है और उनमें से प्लॉपडायल के जमाव के रूप में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड के संचय का क्या परिणाम होता है और उनमें से कैंसरयुक्त क्या होता है (जो बहुत कम होते हैं) इनमें से कुछ पॉलीप्स पित्ताशय की दीवार के खालीपन में वृद्धि और इसकी परतों में वृद्धि की वजह से उत्पन्न होते हैं (Talley et.al., 2016) 

दरअसल, कई लोग इस बात जानते ही नहीं हैं कि वे पित्ताशय के पॉलीप्स से प्रभावित हैं  जैसा कि कुछ अध्ययनों से पता चला है लगभग 5% लोग उनसे प्रभावित होते हैं।(Jørgensen et.al., 1990) 

इनकी अधिकतम उपस्थिति चीन निवासियों में है, जिनमें इसके संक्रमण की दर 9.5% है जिसे एक बहुत ही उच्च दर माना जाता है और वास्तव में इसके कारण स्पष्ट नहीं हैं पित्ताशय के पॉलीप्स के संक्रमण की यह उच्च दर उनकी जीवनशैली या जातीय कारक या किसी आनुवंशिक कारण से हो सकती है। (Lin et.al., 2008) 

और इसके बावजूद इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है यह पाया गया कि पॉलीप्स के होने और उम्र बढ़ने और पित्ताशय की पथरी होने के बीच एक संबंध है

क्योंकि इन दोनों मामलों में उनकी उपस्थिति बढ़ती है और महिलाओं की तुलना में पुरुष इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं।(Segawa et.al., 1992)  अध्ययनों से पता चला है कि जिन छोटे पॉलीप्स का व्यास एक सेंटीमीटर से कम होता है आमतौर पर वे हानिरहित होते हैंऔर उनके हानिकारक ट्यूमर या कैंसर या किसी भी चीज में परिवर्तित हुए बिना मनुष्य उनके साथ जीवित रहता हैवहीं विशेष रूप से बड़े पॉलीप्स जो स्क्लेरोटाइज़्ड पीले क्षेत्रों के सूजन से संबंधित हैं वे कैंसर में परिवर्तन के लिए ज्यादा जिम्मेदार हैं (Dalrymple et.al., 2009) 

सभी मामलों में हम आपको अपने कुछ पोषण संबंधी उत्पादों का उपयोग करने की सलाह देते हैं यदि वे निश्चित रूप से हानिरहित हैं और उनके आकार या उनके कैंसर में बदलने की संभावना के कारण हम आपको अपने ऑक्सीकरण-रोधी पोषण संबंधी उत्पादों का उपयोग करने की सलाह देते हैं जैसा कि अध्ययन से पता चला है कि शरीर में ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में वृद्धि सभी प्रकार की कैंसर की दर में वृद्धि से संबंधित है। (Valko et.al., 2006) 

इन उत्पादों में से हम आपको अजवाइन(Nakatani, 2000) के तेल और तुलसी के सिरके(Kathirvel et.al., 2012)  के साथ रोजमेरी, (Cheung et.al., 2007)  अदरक, ,(Mashhadi et.al., 2013)  सेज, (Johnson, 2011)  कैमोमाइल का तेल(Srivastava et.al., 2007)    और सिरका प्रयोग करने की सलाह देते हैं जो इसके लक्षणों को हल्का करने में मदद करते हैं और कैंसर में बदलने से रोकते हैं हम आपको हमारे या किसी भी अन्य उत्पाद के तेलों का प्रयोग ना करने की सलाह देते हैं यदि यह पता चल गया है कि पित्ताशय में पथरी या सूजन है या यदि यकृत ठीक से काम नहीं कर रहा है।  


जमिल अल क़ुद्सी

एमडी-एमएससी सीएएम-डुप एफएम  


Cheung, S. & Tai, J. 2007. Anti-proliferative and antioxidant properties of rosemary rosmarinus officinalis. Oncology reports, 17, 1525-1532.


Dalrymple, N. C., Leyendecker, J. R. & Oliphant, M. 2009. Problem solving in abdominal imaging with cd-rom, Mosby/Elsevier.


Johnson, J. J. 2011. Carnosol: A promising anti-cancer and anti-inflammatory agent. Cancer letters, 305, 1-7.


Jørgensen, T. & Jensen, K. 1990. Polyps in the gallbladder. A prevalence study. Scandinavian journal of gastroenterology, 25, 281-286.


Kathirvel, P. & Ravi, S. 2012. Chemical composition of the essential oil from basil (ocimum basilicum linn.) and its in vitro cytotoxicity against hela and hep-2 human cancer cell lines and nih 3t3 mouse embryonic fibroblasts. Natural product research, 26, 1112-1118.


Lin, W. R., Lin, D. Y., Tai, D. I., Hsieh, S. Y., Lin, C. Y., Sheen, I. & Chiu, C. T. 2008. Prevalence of and risk factors for gallbladder polyps detected by ultrasonography among healthy chinese: Analysis of 34 669 cases. Journal of gastroenterology and hepatology, 23, 965-969.


Mashhadi, N. S., Ghiasvand, R., Askari, G., Hariri, M., Darvishi, L. & Mofid, M. R. 2013. Anti-oxidative and anti-inflammatory effects of ginger in health and physical activity: Review of current evidence. International journal of preventive medicine, 4.


Nakatani, N. 2000. Phenolic antioxidants from herbs and spices. Biofactors, 13, 141-146.


Segawa, K., Arisawa, T., Niwa, Y., Suzuki, T., Tsukamoto, Y., Goto, H., Hamajima, E., Shimodaira, M. & Ohmiya, N. 1992. Prevalence of gallbladder polyps among apparently healthy japanese: Ultrasonographic study. American Journal of Gastroenterology, 87.


Srivastava, J. K. & Gupta, S. 2007. Antiproliferative and apoptotic effects of chamomile extract in various human cancer cells. Journal of agricultural and food chemistry, 55, 9470-9478.


Talley, N. J., Devault, K. R., Wallace, M. B., Lindor, K. D. & Aqel, B. A. 2016. Practical gastroenterology and hepatology board review toolkit, Wiley.


Valko, M., Rhodes, C., Moncol, J., Izakovic, M. & Mazur, M. 2006. Free radicals, metals and antioxidants in oxidative stress-induced cancer. 

Chemico-biological interactions, 160, 1-40.




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