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खाली पेट पानी पीना चाहिए या नहीं ?

खाली पेट पानी पीना चाहिए या नहीं ?



सोफी: डॉ. जमील, आपने पहले बताया था कि पीना हमेशा खाने के बाद आना चाहिए, पवित्र कुरान में स्वयं अल्लाह ने कहा है "खाओ और पीयो", लेकिन कई लोग और चीनी चिकित्सा खाली पेट पानी पीने की सलाह देते हैं। मैंने स्वयं कई स्थानों पर पढ़ा है कि खाली पेट पानी पीने के कई लाभ होते हैं। आपका इस जानकारी के बारे में क्या कहना है? क्या यह पवित्र आयतों के अनुकूल नहीं है जैसा कि अल्लाह ने आयत में कहा है "खाओ और पीयो"?

आपके महत्वपूर्ण सवाल के लिए धन्यवाद सोफी। इसका जवाब है कि: पवित्र कुरान सभी आकाशीय और क्षेत्रीय किताबों से प्रमुख किताब है और अपने अनोखेपन, व्यापकता और सटीकता में उनसे कहीं ज्यादा श्रेष्ठ है 

सर्वशक्तिमान अल्लाह ने, पवित्र कुरान को एक विस्तृत किताब बनाया है 

साथ ही हमें आयत में ऐसा अर्थ मिल सकता है (और हमने तुम्हारी ओर एक किताब हक़ से उतारी है, जो उस किताब की पुष्टि करती है जो उससे पहले से मौजूद है और उसकी संरक्षक है।) 5:48

और साथ ही आयत में बताया गया है कि हमने किताब से कुछ भी बाहर नहीं निकाला है 6:38   

विज्ञान के संदर्भ से, किसी प्रमुख समिति के साथ वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के द्वारा यह अभी तक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है कि खाली पेट पानी पीने के स्वास्थ्य लाभ होते हैं,  

चूँकि अभी तक ऐसा कोई अध्ययन मौजूद नहीं है, इसलिए मैंने यह पता करने के लिए कई शोध किये कि इस विषय पर बात करने वाला कम से कम एक अध्ययन मिल जाए लेकिन प्रमाणित वैज्ञानिक शोध संदर्भों में इसका कोई पता नहीं चला, 

लेकिन इस तरीके को आजमाने वाले मेरे कई मरीजों से मुझे यह पता चला कि सोकर उठने के बाद खाली पेट पानी पीने से उन्हें अपनी गतिविधि, ऊर्जा, सक्रियता में सुधार महसूस हुआ है और वे अपने आपको ज्यादा स्वस्थ महसूस करते हैं

खाद्य पदार्थों को क्रमबद्ध करने में विशेषीकृत कुरान का नियम हमेशा कहता है कि "खाओ और पीयो", लेकिन मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि खाली पेट पानी पीने के लाभ हैं जैसा कि चीनी चिकित्सा में भी बताया गया है, (Singh et.al., 2015)

मैं हमेशा कहता हूँ कि हर उस चीज को प्रमाणित करना संभव नहीं होता है जिसके बारे में हमें बिल्कुल जानकारी नहीं है, लेकिन जब तक सर्वशक्तिशाली अल्लाह कहते हैं "हमने किताब से कुछ बाहर नहीं निकाला है।" यदि हम कुरान का शोध एक तैयार, सचेत व्यक्ति के रूप में करते जिसे चेतावनी प्राप्त होती तो हमें हर चीज का विवरण मिलता और सभी चीजों का जवाब मिलता 

साथ ही साथ आयत

और चेतावनी प्राप्त करने वाला व्यक्ति तैयार होता है, जैसे हमने पहले चीनी प्रणाली में कई स्वास्थ्य आदतों की प्रमाणिकता और गलतियों के बारे में बताया, उसी प्रकार आज हम यहाँ चीनी प्रणाली में इस नियम की प्रमाणिकता दर्शाने वाले हैं,

अल्लाह ने हमें अन्य लोगों और जातियों की संस्कृति सीखने का और उनके पास मौजूद चीजों के बारे में जानने का आदेश दिया है, लेकिन सर्वशक्तिमान अल्लाह की पवित्रता के अनुसार

पवित्र कुरान ने कई स्थितियों में यह बताया है कि सोना एक मौत है, लेकिन छोटी मौत, (De Purucker et.al., 1974)  और शायद इसके लिए आयतें वर्णित और स्पष्ट हैं और हम इसे आयत में पा सकते हैं 

और जब हम सोने के लिए बिस्तर पर आते हैं तो पैगम्बर मोहम्मद ने हमें सोने से पहले की प्रार्थना करने का आदेश दिया है, और सोने की प्रार्थनाओं में बताया गया है कि हम आत्मा की मौत की घटना में प्रवेश करने जा रहे हैं 

तो सोकर उठने के तुरंत बाद यह अल्लाह के पैगम्बर की प्रार्थना में था 

उन सभी में,  अल्लाह अपनी मर्जी से उठने के बाद आत्मा को दोबारा ज़िंदा करते हैं; उठने के तुरंत बाद आत्मा के पुनर्जीवित होने की प्रक्रिया को पैगम्बर मोहम्मद पुनर्जीवन कहते हैं

दूसरी तरफ, हम देख सकते हैं कि अल्लाह ने पवित्र कुरान में कई स्थानों पर पानी को जीवन से जोड़ा है। क्या महान अल्लाह ने हमें इसके बारे में नहीं बताया है 

साथ ही साथ 

उस आयत पर ध्यानपूर्वक विचार करिये जो पृथ्वी के पुनर्जीवन में पानी की भूमिका बताती है,

जिसे हम अल्लाह के उपदेशों में देख सकते हैं 

क्योंकि अल्लाह ने हमें धरती से बनाया, और धरती के तत्व और इसके यौगिक हमारे शरीरों में मौजूद हैं और धरती से उपजने वाले फलों या खाद्य पदार्थों से हम तक पहुँचते हैं, (Zeng, 2010) 

जैसा कि कई वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि हमारे शरीर की जैवरासायनिक क्रियाओं में पानी का महत्वपूर्ण कार्य होता है, इसीलिए दस्त और निरंतर उल्टी इंसानों के लिए घातक है और कई जीवन ले सकती है क्योंकि इससे हमारा शरीर 20% पानी खो सकता है (Franks et.al., 2000)

इसलिए हम कह सकते हैं कि उठते समय, हम पुनर्जीवन, आत्मा के पुनरुद्धार, और जीवन वापस पाने की प्रक्रिया में होते हैं, जो पानी की विशेषताओं के अनुकूल है क्योंकि अल्लाह ने सभी जीवित प्राणियों को इससे बनाया है 

इसीलिए केवल पानी को उठने के तुरंत बाद शरीर के लिए उचित बताया गया है बाकी किसी अन्य पेय पदार्थ को नहीं 

इस प्रकार, हम देख सकते हैं कि पवित्र कुरान अन्य चिकित्साओं की प्रमाणिकता और उनकी गलतियों की पुष्टि करता है। इस आदत के बारे में प्राचीन पूर्वी चिकित्सा में बताया गया है कि सोकर उठने के बाद पानी पीना चाहिए और पवित्र कुरान अप्रत्यक्ष रूप से इसकी पुष्टि करता है और केवल अल्लाह जानते हैं, 

और यहाँ मैं कहना चाहता हूँ कि वैज्ञानिक तरीकों के प्रयोग से अध्ययन करना आवश्यक है जब तक कि खाली पेट पानी पीने के वास्तविक लाभों के बारे में नहीं पता चल जाता है और यदि इस नियम को किसी बीमारी के लिए प्रयोग किया जा सकता है या नहीं    

#जई: उन अनाजों में से एक है जिसके बारे में अल्लाह ने पवित्र कुरान में बताया है, "और भूसी वाले अनाज और सुगंधित पौधे" सूरा अर रहमान। 

अनाजों में भरपूर फाइबर होता है जो इसके द्वारा उत्पन्न होने वाले परासरणी दबाव से कब्ज से बचने में सहायता करता है, यह आंत्रीय अवकाशिका और मलाशय में पानी उपलब्ध कराता है और जिससे #कब्ज की रोकथाम होती है। जई पाचन तंत्र की क्रियाविधि में भी सुधार करता है   

जई में फायटो-एस्ट्रोजन यौगिक होता है जो प्राकृतिक हॉर्मोन पदार्थ है जो शरीर में वसा के वितरण और शरीर को सुन्दर बनाये रखने में सहायता करता है


जमिल अल क़ुद्सी

एमडी-एमएससी सीएएम-डुप एफएम 



De Purucker, G. & Knoche, G. F. 1974. Fountain-source of occultism, Theosophical University PR.


Franks, F. & Chemistry, R. S. O. 2000. Water: A matrix of life, Royal Society of Chemistry.


Singh, D. J., Davidson, J. & Books, M. C. 2015. Curing yourself with water - knowing more about hydrotherapy.


Zeng, H. 2010. Nutrition optimization for health and longevity, AuthorHouse.




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